paddy fertilizer dose guide in hindi for better rice yield with NPK fertilizer products and farmer field scene

धान की अच्छी पैदावार के लिए उर्वरक की सही मात्रा | Rice Fertilizer Dose in Hindi

धान की पैदावार बढ़ानी है? जानिए एक एकड़ में खाद डालने की सही मात्रा!

धान की बेहतर फसल लेने के लिए सिर्फ सिंचाई और कीटनाशक ही, उर्वरकों का भी संतुलित और सही मात्रा में इस्तेमाल बहुत जरूरी है। यदि खाद सही समय और सही मात्रा पर नहीं दी जाती है, तो पैदावार में भरी कमी आ सकती है।

आज हम आपको बताएंगे — एक एकड़ में धान की खेती के लिए कौन-कौन से उर्वरक, कितनी मात्रा में और कब डालने चाहिए।

धान में फास्फोरस की मात्रा | Role of Phosphorus in Rice Plant

धान की अच्छी उपज के लिए फास्फोरस बेहद आवश्यक होता है। खेत तैयार करते समय DAP (18:46:0) खाद का उपयोग करना चाहिए। इसकी मात्रा प्रति एकड़ 40–50 किलो तक रखी जानी चाहिए। फास्फोरस पौधों की जड़ों को मजबूत बनाता है और शुरुआती वृद्धि में समर्थन करता है।

धान में पोटाश की मात्रा | Benefits of Potash in Paddy

पोटाश धान फसल में भरपूर दाना भरने और पौधे को मजबूत बनाए रखने में सहायक होता है। रोपाई के 30–35 दिन बाद, NPK (0:0:60) की खुराक 20–25 किलो प्रति एकड़ डाली जाती है। इससे फसल अधिक स्वस्थ और ताकतवर बनती है।

जिंक की खुराक धान में | How to Use Zinc Sulphate Fertilizer

जिंक की कमी के कारण पौधे पीले और कमजोर हो जाते हैं। जड़ों की बढ़ने भी रुक जाती है। इस कमी को दूर करने के लिए रोपाई के 10–15 दिन बाद, प्रति एकड़ 10 किलो जिंक सल्फेट छिड़काव करें। इससे पौधे चौड़े और मजबूत होते हैं और कल्ले अधिक निकलते हैं।

धान में आयरन (लोहा) एवं गंधक की मात्रा | Best Fertilizer for Paddy Crop

यदि पौधों की पत्तियां पीली हो रही हों, तो यह आयरन की कमी हो सकती है। फेरस सल्फेट 10 किलो प्रति एकड़ को 100 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। इससे पौधों को जरूरी आयरन और गंधक मिलेगा और हरियाली लौट आएगी।

धान में बोरॉन का प्रयोग | Use of Boron in Paddy Crop

बोरॉन की अनुपलब्धता फूल बनने में बाधा पैदा करती है और फूल आने से पहले फसल दाना भराव भी कमजोर होता है। फूल आने से पहले 1 किलो बोरॉन प्रति एकड़ का छिड़काव करने पर फसल का उत्पादन और गुणवत्ता दोनों ही बढ़ जाता है।

उपयोग के लिए EBS NPK 12:61:0 | Water Soluble Fertilizer for Better Yield

Krishikranti NPK 12:61:00 (Water Soluble) का उपयोग कल्ला निकलने की समय और फूल आने से पहले बहुत हितेशील होता है। इसका घोल प्रति स्प्रे 3 किलो रखें और पत्तों पर अच्छे से छिड़काव करें। 

 

किसान सेवा केंद्र की सलाह:

हमारा सुझाव है कि आप EBS NPK Water Soluble Series का इस्तेमाल करें। इससे फसल को तुरंत पोषण मिलता है, जड़ों की वृद्धि होती है और उत्पादन में स्पष्ट बढ़त दिखाई पड़ती है।

उपलब्ध प्रोडक्ट:

पूछे जाने वाले सामान्य सवाल (FAQs)

Q.  धान की फसल के लिए सबसे अधिक जरूरी खाद कौन सी है?

उत्तर: फास्फोरस (DAP), यूरिया, पोटाश, जिंक सल्फेट और फेरस सल्फेट धान की अधिक उपज के लिए जरूरी खादें हैं।

Q. क्या जैविक खादों का भी उपयोग करना चाहिए?

उत्तर: हाँ, गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट आदि जैविक खादें मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में बहुत कारगर होती हैं।

Q.  स्प्रे करने वाली खादें क्या होती हैं?

उत्तर: Krishikranti  NPK जैसी वॉटर सॉल्युबल फेंटेड खादें पत्तियों पर स्प्रे की जाती हैं, जो तेजी से असर करती हैं।

Q. फूल आने से पहले क्या खाद डालनी चाहिए?

उत्तर: फूल आने से पहले बोरॉन और Krishikranti NPK 12:61:00 का छिड़काव करना चाहिए।

Q. जिंक की कमी के लक्षण क्या है?

उत्तर: जिंक की कमी पत्तियों को पीला और कल्ले कम निकलने की दिक्कत होती है, पौधों का विकास ठप हो जाता है।

Q. क्या किसान सेवा केंद्र थोक में खाद बेचता है?

उत्तर: जी हां, हम थोक विक्रेताओं और किसानों दोनों को उर्वरक थोक दर पर उपलब्ध कराते हैं।

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