उड़द फसल सुरक्षा गाइड (Urad Crop Protection Guide)
Share
उड़द की फसल में हर 15-20 दिन में अलग कीट का हमला होता है शुरू में रस चूसने वाले कीट, बीच में इल्ली, फूल आने पर फली छेदक, और पूरे सीजन सफेद मक्खी। सही समय पर सही स्प्रे करने से ही उपज बचती है। यहाँ पूरा DAS अनुसार शेड्यूल दिया गया है।
उड़द में लगने वाले मुख्य कीट (पहचान)
- माहू (Aphids): छोटे, मुलायम शरीर वाले कीट, नई पत्तियों और तने पर चिपके रहते हैं। पत्ते पीले पड़कर मुड़ जाते हैं।
- फुदका (Jassids): पत्तों के नीचे रहकर रस चूसते हैं, पत्ते पीले होकर किनारों से जलते हुए दिखते हैं।
- थ्रिप्स (Thrips): बहुत छोटे कीट, पत्तों की ऊपरी सतह को खुरचते हैं, पत्तों पर चमकदार धारियाँ बन जाती हैं।
- पत्ती खाने वाली इल्ली: पत्तों में गोल-गोल छेद कर देती है, ज़्यादातर बढ़वार के समय दिखती है।
- फली छेदक (Gram Pod Borer): फूल और नई फलियों में छेद करके अंदर घुस जाती है, सबसे ज़्यादा नुकसान करने वाला कीट।
- फली मक्खी (Pod Fly): बनी हुई फलियों में अंडे देकर सीधा दाना खराब करती है।
- सफेद मक्खी (Whitefly): पत्तों के नीचे बैठने वाली छोटी सफेद मक्खी, पीला मोज़ेक वायरस (YMV) फैलाने की मुख्य वजह।
ये कीट कब और क्यों आते हैं
- 20-50 DAS (शुरुआती बढ़वार): नई कोमल पत्तियाँ माहू, फुदका और थ्रिप्स को आकर्षित करती हैं। बाद में इल्ली भी आने लगती है।
- 50% फूल आने पर: फली छेदक का पतंगा फूलों पर अंडे देने आता है यही सबसे ज़्यादा नुकसान वाला समय होता है।
- फली बनने पर: फली छेदक और फली मक्खी अब बनी हुई फलियों पर हमला करते हैं।
- पूरे सीजन: सफेद मक्खी कभी भी आ सकती है और गर्म-नम मौसम में तेज़ी से बढ़ती है इस पर पूरे सीजन नज़र रखें।
नुकसान (Damage)
रस चूसने वाले कीट शुरुआत में ही पौधे की बढ़वार रोक देते हैं, जिससे बाद में उपज कम हो जाती है। फली छेदक और फली मक्खी सीधा दाना खराब करते हैं जितनी फली खराब, उतना सीधा नुकसान। पीला मोज़ेक वायरस सबसे खतरनाक है अगर सफेद मक्खी समय पर नहीं रोकी गई तो पूरी फसल की उपज बुरी तरह गिर सकती है।
स्प्रे शेड्यूल (DAS अनुसार) कब कौन सी दवा डालें
पहले खेत की सफाई रखें, समय पर बुवाई करें, और पीले स्टिकी ट्रैप लगाकर सफेद मक्खी पर शुरू से नज़र रखें। जब कीट का असर दिखने लगे, तब यह शेड्यूल अपनाएं:
| फसल की अवस्था | कीट | दवा (Product) | मात्रा (Dose) |
|---|---|---|---|
| 20–30 DAS | माहू, फुदका, थ्रिप्स (सभी रस चूसने वाले कीट) | इमीडिएट इमिडाक्लोप्रिड 30.5% SC — सिस्टमिक कीटनाशक | 80 से 100 मिली प्रति एकड़ |
| 40–50 DAS | पत्ती खाने वाली इल्ली | जर्मन 505 क्लोरपायरीफॉस 50% + साइपरमेथ्रिन 5% EC | 400 मिली प्रति एकड़ |
| 50% फूल आने पर | फली छेदक (Helicoverpa armigera) | फ्लूबेंडामाइड 39.35% SC | 40 से 50 मिली प्रति एकड़ |
| फली बनने पर | फली छेदक और फली मक्खी | विनाशक इंडोक्साकार्ब 14.5% SC | 250 मिली प्रति एकड़ |
| किसी भी अवस्था में (अगर सफेद मक्खी दिखे) | सफेद मक्खी / पीला मोज़ेक वायरस | वायरस फ्री – प्लांट वायरस कंट्रोल सॉल्यूशन या फिफ्टी हॉर्सेस डाइफेंथियूरॉन 50% WP | लेबल अनुसार |
ध्यान दें: ऊपर दी गई मात्रा सामान्य सलाह है स्प्रे करने से पहले दवा के लेबल पर दी गई सही मात्रा ज़रूर देखें, क्योंकि राज्य और बैच के हिसाब से हल्का फर्क हो सकता है। पीला मोज़ेक वायरस दिखते ही उस पौधे को तुरंत उखाड़ कर फेंक दें, ताकि बाकी फसल में वायरस न फैले।
बचाव के तरीके (Prevention)
- बुवाई के 15-20 दिन बाद से ही खेत में कीट देखना शुरू करें, नुकसान दिखने का इंतज़ार न करें।
- सफेद मक्खी को जल्दी पकड़ने के लिए पीले स्टिकी ट्रैप लगाएं।
- हर स्प्रे में अलग तरह की दवा बदल-बदल कर डालें, ताकि कीट में दवा के खिलाफ ताकत न बने।
- स्प्रे सुबह जल्दी या शाम को करें, दोपहर में फूल खिलने के समय स्प्रे से बचें।
- फूल आने के समय की स्प्रे कभी न छोड़ें फली छेदक सबसे ज़्यादा नुकसान इसी समय करता है।अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
उड़द की फसल में स्प्रे शेड्यूल क्या है?
20-30 DAS पर रस चूसने वाले कीट (माहू, फुदका, थ्रिप्स) के लिए स्प्रे करें, 40-50 DAS पर इल्ली के लिए, 50% फूल आने पर फली छेदक के लिए, और फली बनने पर फली छेदक-फली मक्खी के लिए। सफेद मक्खी दिखे तो कभी भी स्प्रे करें।
उड़द में माहू और फुदका के लिए कौन सी दवा डालें?
इमिडाक्लोप्रिड 30.5% SC जैसी सिस्टमिक दवा 20-30 DAS पर डालने से माहू, फुदका और थ्रिप्स तीनों कंट्रोल हो जाते हैं, क्योंकि ये सभी एक ही समय पर आने वाले रस चूसने वाले कीट हैं।
उड़द में फली छेदक कैसे रोकें?
50% फूल आने पर फ्लूबेंडामाइड 39.35% SC जैसी दवा डालें, और फली बनने पर इंडोक्साकार्ब वाली दवा से दोबारा स्प्रे करें, क्योंकि फली छेदक पहले फूल और फिर बनी हुई फली दोनों पर हमला करता है।
उड़द में पीला मोज़ेक वायरस क्यों होता है और कैसे रोकें?
पीला मोज़ेक वायरस सफेद मक्खी के काटने से फैलता है। सफेद मक्खी दिखते ही सिस्टमिक कीटनाशक डालें और वायरस वाले पौधे को तुरंत उखाड़कर फेंक दें ताकि यह बाकी पौधों में न फैले।
बुवाई के बाद कब से स्प्रे शुरू करनी चाहिए?
15-20 दिन बाद से खेत में कीट देखना शुरू करें। पहला स्प्रे आमतौर पर 20-30 DAS पर शुरुआती रस चूसने वाले कीट के लिए ज़रूरी होता है, लेकिन असली समय खेत में कीट देखकर तय करें, सिर्फ तारीख देखकर नहीं।
क्या इन सभी दवाओं को मिलाकर एक साथ स्प्रे कर सकते हैं?
दो दवाओं को साथ मिलाना तभी करें जब लेबल पर यह साफ लिखा हो कि वे साथ मिलाई जा सकती हैं। बेहतर है कि इस शेड्यूल के अनुसार अलग-अलग समय पर स्प्रे करें, जब तक किसी खास मिश्रण की पुष्टि लेबल पर न हो।