मानसून में फसल सुरक्षा के बेहतरीन उपाय: अवस्था अनुसार स्प्रे गाइड
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मानसून में लगातार नमी और बारिश से कीट व फफूंद रोग तेजी से बढ़ते हैं। हर फसल अवस्था में खतरा अलग होता है शुरुआती अवस्था में चूसक कीट, फूल आने पर सूंडी व फफूंद, और फल/फली बनने पर बोरर। सही समय पर सही स्प्रे ही नुकसान से बचाता है।
मानसून में फसल सुरक्षा जरूरी क्यों है?
बारिश के मौसम में हवा में नमी बढ़ने से पत्तों पर फफूंद जमने की गति तेज हो जाती है, और गर्म-नम वातावरण कीटों के प्रजनन के लिए अनुकूल रहता है। इसके अलावा बार-बार बारिश से छिड़का गया स्प्रे धुल जाता है, जिससे सुरक्षा अधूरी रह जाती है। इसीलिए मानसून में फसल की हर अवस्था के हिसाब से योजना बनाकर स्प्रे करना जरूरी है।
फसल अवस्था अनुसार सुरक्षा योजना
Crop Stage-wise Protection Plan किस अवस्था में किस कीट/रोग पर ध्यान दें
भारी बारिश के बाद क्या करें?
अगर छिड़काव के 4-6 घंटे के अंदर तेज बारिश हो जाए, तो दवा पत्तों से धुल जाती है और सुरक्षा अधूरी रह जाती है। ऐसे में बारिश रुकने के बाद खेत में जाकर कीट व रोग की स्थिति देखें अगर प्रकोप दिख रहा है तो लेबल में बताई गई मात्रा अनुसार दोबारा छिड़काव करें। बेवजह दोबारा स्प्रे न करें, इससे लागत बढ़ती है और कीट में प्रतिरोध (resistance) का खतरा भी रहता है।
मानसून स्प्रे के सामान्य नियम
- छिड़काव से पहले मौसम जरूर देखें अगर 4-6 घंटे में बारिश की संभावना हो तो स्प्रे टालें।
- बारिश के मौसम में स्टिकर/स्प्रेडर मिलाकर छिड़कने से दवा पत्तों पर बेहतर टिकती है।
- एक ही मोड ऑफ एक्शन की दवा बार-बार न दोहराएं कीट व रोग में प्रतिरोध बढ़ सकता है, दवा रोटेट करें।
- इंसेक्टिसाइड व फंगीसाइड मिलाकर स्प्रे करने से पहले टैंक-मिक्स कम्पैटिबिलिटी जरूर जांच लें।
- छिड़काव के समय दस्ताने व मास्क पहनें, और फसल पर लेबल में बताया गया प्री-हार्वेस्ट इंटरवल (PHI) जरूर मानें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
मानसून में फसल सुरक्षा कब शुरू करनी चाहिए?
पौधे की शुरुआती वानस्पतिक अवस्था से ही कीट निगरानी शुरू कर देनी चाहिए, ताकि माहू, जैसिड और थ्रिप्स जैसे चूसक कीट समय रहते नियंत्रित हो सकें।
बारिश में स्प्रे धुल जाए तो क्या करें?
छिड़काव के 4-6 घंटे के अंदर तेज बारिश हो जाए तो खेत का निरीक्षण करें, कीट/रोग का प्रकोप दिखने पर लेबल अनुसार दोबारा स्प्रे करें।
फूल आने की अवस्था में कौन सी दवा कारगर है?
बॉलवर्म व तना छेदक के लिए Chlorantraniliprole 18.5% SC, और चूसक कीट के लिए Thiamethoxam + Lambda-cyhalothrin मिश्रण असरदार माना जाता है।
क्या हर हफ्ते स्प्रे करना जरूरी है?
नहीं, बिना जरूरत के बार-बार स्प्रे न करें। फल/फली अवस्था में सिर्फ खेत में कीट-रोग दिखने पर ही (need-based) छिड़काव करें।
कटाई से पहले स्प्रे करना सुरक्षित है क्या?
केवल उन उत्पादों का इस्तेमाल करें जो उस फसल पर स्वीकृत हों, और लेबल में बताए गए प्री-हार्वेस्ट इंटरवल (PHI) का पूरी तरह पालन करें।
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