कपास की फसल में सीजन के अंत की फसल सुरक्षा: पहले सुंडी से खराब टिंडा, बाद में स्वस्थ खुला कपास का टिंडा

कपास में सीजन के अंत की फसल सुरक्षा: चुनाई से डंठल प्रबंधन तक जरूरी उपाय

सीजन के अंत में कपास की सबसे बड़ी दुश्मन गुलाबी सुंडी, सफेद मक्खी और माइट हैं। इस समय छिड़काव तभी करें जब कीट आर्थिक नुकसान स्तर पार करें। चुनाई के बाद फसल समय पर खत्म करें और डंठल नष्ट करें, ताकि अगले साल गुलाबी सुंडी कम आए।

सीधा जवाब: सीजन के अंत में 5 जरूरी काम

  1. हर हफ्ते फेरोमोन ट्रैप और 20 हरे टिंडे जांचें।
  2. कीट आर्थिक नुकसान स्तर पार करें, तभी सही दवा छिड़कें।
  3. छिड़काव से पहले खुले टिंडों की चुनाई कर लें।
  4. अच्छी और खराब रुई अलग-अलग चुनें।
  5. आखिरी चुनाई के बाद फसल खत्म करें, डंठल खेत में न छोड़ें।

सीजन के अंत में कपास पर कौन-से कीट और रोग आते हैं?

अक्टूबर से दिसंबर में टिंडे खुलते हैं। इस समय इल्लियां टिंडों को और रस चूसने वाले कीट पत्तियों को नुकसान पहुंचाते हैं।

समस्या पहचान
गुलाबी सुंडी टिंडे में छोटा छेद, अंदर गुलाबी इल्ली, रुई पीली-दागदार
अमेरिकन सुंडी टिंडों में बड़े गोल छेद, बाहर इल्ली का मल
तंबाकू इल्ली (स्पोडोप्टेरा) पत्तियां जालीदार, झुंड में इल्लियां
सफेद मक्खी पत्ती के नीचे सफेद कीट, चिपचिपी पत्तियां, काली फफूंद
माइट (मकड़ी) पत्तियों के नीचे बारीक जाला, पत्तियां भूरी-लाल
थ्रिप्स / जैसिड पत्तियों के किनारे मुड़ना, पीलापन
टिंडा सड़न टिंडे काले-भूरे, अधखुले, अंदर सड़ी रुई

पत्तियां लाल होना हमेशा कीट से नहीं होता। ठंडी रातें, पोषक तत्वों की कमी और जैसिड का नुकसान भी कारण हो सकते हैं। सही कारण के लिए मिट्टी व पत्ती जांच कराएं या नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र से सलाह लें।

छिड़काव कब करें? आर्थिक नुकसान स्तर तालिका

आर्थिक नुकसान स्तर वह सीमा है जिसके बाद कीट से होने वाला नुकसान दवा के खर्च से ज्यादा हो जाता है। नीचे के आंकड़े केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, नागपुर की 2024-25 सलाह से हैं।

कीट छिड़काव कब करें
गुलाबी सुंडी ट्रैप में लगातार 3 रात, हर रात 8 से ज्यादा नर पतंगे; या 10% फूल/हरे टिंडों में जीवित इल्ली
सफेद मक्खी प्रति पत्ती 6 मक्खियां, या 50% पौधों पर चिपचिपापन
जैसिड 25% पौधों पर प्रति पत्ती 2 शिशु
थ्रिप्स 25% पौधों पर प्रति पत्ती 10 थ्रिप्स

टिंडा जांच का तरीका: एक एकड़ में 20 अलग-अलग पौधों से एक-एक हरा टिंडा तोड़ें। उसे खोलकर इल्ली या नुकसान गिनें। 2 टिंडे भी खराब मिलें तो यह 10% है।

किस समस्या में कौन-सी दवा? (मात्रा सहित)

दवा हमेशा समस्या के हिसाब से चुनें। इल्ली की दवा सफेद मक्खी पर काम नहीं करती, और सफेद मक्खी की दवा इल्ली पर नहीं।

समस्या दवा मात्रा
गुलाबी, अमेरिकन व तंबाकू इल्ली Emaan इमामेक्टिन बेंजोएट 5% SG 100 ग्राम/एकड़
तंबाकू इल्ली व पत्ती खाने वाली इल्लियां Cargar क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 18.5% SC 60 मिली/एकड़
सफेद मक्खी के शिशु व माइट Oberto स्पाइरोमेसिफेन 22.9% SC 1 मिली/लीटर पानी
सफेद मक्खी, थ्रिप्स, जैसिड AURON-44 डायफेनथियूरॉन 40.1% + एसिटामिप्रिड 3.9% WP 250 ग्राम/एकड़
छिड़काव से पहले पैक का लेबल जरूर पढ़ें। लेबल पर लिखी फसल, कीट, मात्रा और पानी की मात्रा ही मानें। सभी विकल्प यहां देखें: कपास के लिए कीटनाशक।

दवा बदलकर क्यों छिड़कें?

एक ही समूह की दवा बार-बार छिड़कने से कीट उसके आदी हो जाते हैं। केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान सलाह देता है कि एक ही दवा 2 बार से ज्यादा न दोहराएं।

चुनाई के समय छिड़काव के 6 नियम

  1. छिड़काव से पहले सभी खुले टिंडों की चुनाई कर लें।
  2. दवा के लेबल पर लिखी प्रतीक्षा अवधि (छिड़काव और चुनाई के बीच के दिन) के बाद ही अगली चुनाई करें।
  3. दो या ज्यादा कीटनाशक टंकी में मिलाकर न छिड़कें। केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान के अनुसार मिश्रण से सफेद मक्खी का प्रकोप बढ़ सकता है।
  4. सुबह या शाम को, हवा कम होने पर छिड़काव करें।
  5. छिड़काव करते समय दस्ताने, मास्क और पूरे कपड़े पहनें।
  6. छिड़काव के बाद चुनाई करने वाले मजदूरों को खेत में जाने से पहले बताएं।

चुनाई और भंडारण में सावधानी

अच्छी रुई और सुंडी से खराब रुई अलग-अलग चुनें। अच्छी रुई ही बेचें या रखें। सुंडी वाली रुई और बिनौला गोदाम में न रखें, वरना सुंडी वहीं से अगले साल लौटती है।

टिंडा सड़न से कैसे बचें?

टिंडे पर चिपकी सूखी पंखुड़ियां हटा दें। खेत में पानी न रुकने दें और यूरिया ज्यादा न डालें। बादल और नमी वाले मौसम में लेबल-स्वीकृत फफूंदनाशक का छिड़काव करें। विकल्प यहां देखें: कपास के लिए फफूंदनाशक।

फसल कब खत्म करें?

कपास को बुवाई के 180 दिन से आगे न खींचें। एक और चुनाई के लालच में फसल खड़ी रखने से गुलाबी सुंडी को खाना मिलता रहता है। आखिरी चुनाई के बाद खेत में भेड़-बकरियां चराएं, ताकि बचे टिंडे खत्म हो जाएं।

डंठल और अवशेष का सही प्रबंधन

गुलाबी सुंडी डंठल और अधखुले टिंडों में छिपकर अगले सीजन तक जिंदा रहती है।

  • डंठल खेत में या खेत की मेड़ पर ढेर न करें।
  • अधखुले टिंडे झाड़कर नष्ट करें।
  • डंठल को श्रेडर से काटकर मिट्टी में मिलाएं।
  • ईंधन के लिए रखें तो गांव में रखें और मार्च से पहले खत्म करें।

अगले 30 दिनों का एक्शन प्लान

समय क्या करें
हर हफ्ते ट्रैप गिनती, 20 टिंडे जांच, पत्तियों के नीचे सफेद मक्खी गिनें
कीट आर्थिक नुकसान स्तर पार करें समस्या के हिसाब से दवा, लेबल मात्रा में
हर चुनाई पर अच्छी और खराब रुई अलग रखें
आखिरी चुनाई के बाद पानी बंद, भेड़-बकरी चराई, डंठल नष्ट

किसान ये 5 गलतियां न करें

  • बिना आर्थिक नुकसान स्तर देखे "सुरक्षा के लिए" छिड़काव।
  • चुनाई से ठीक पहले छिड़काव।
  • दो-तीन दवाएं एक टंकी में मिलाना।
  • एक ही दवा बार-बार दोहराना।
  • फसल को देर तक खड़ा रखना और डंठल खेत में छोड़ना।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कपास में चुनाई के समय गुलाबी सुंडी के लिए कौन-सी दवा छिड़कें?

गुलाबी सुंडी के लिए इमामेक्टिन बेंजोएट 5% SG जैसी इल्ली-नाशक दवा लेबल मात्रा में छिड़कें। छिड़काव तभी करें जब 10% हरे टिंडों में जीवित इल्ली मिले।

कपास में सफेद मक्खी के लिए सबसे अच्छी दवा कौन-सी है?

सफेद मक्खी के वयस्क के लिए डायफेनथियूरॉन आधारित दवा और शिशु के लिए स्पाइरोमेसिफेन काम करती है। दोनों को बदल-बदलकर छिड़कें।

क्या चुनाई से पहले कीटनाशक छिड़क सकते हैं?

पहले खुले टिंडों की चुनाई करें, फिर छिड़काव करें। अगली चुनाई लेबल पर लिखी प्रतीक्षा अवधि के बाद ही करें।

कपास की फसल कब खत्म करनी चाहिए?

केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान के अनुसार फसल को बुवाई के 180 दिन से आगे नहीं खींचना चाहिए। देर तक खड़ी फसल गुलाबी सुंडी को अगले सीजन तक जिंदा रखती है।

कपास के डंठल का क्या करें?

डंठल खेत में ढेर न करें, श्रेडर से काटकर मिट्टी में मिलाएं। ईंधन के लिए रखें तो गांव में रखें और मार्च से पहले खत्म करें।

क्या दो कीटनाशक मिलाकर कपास पर छिड़क सकते हैं?

नहीं। केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान टंकी में कीटनाशक मिलाने से मना करता है, क्योंकि इससे सफेद मक्खी का प्रकोप बढ़ सकता है। लेबल-स्वीकृत रेडी-मिक्स दवा अलग बात है।

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स्रोत: केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, नागपुर: कीट व रोग प्रबंधन सलाह 2024-25; उत्पाद लेबल।

अस्वीकरण: यह जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। दवा का उपयोग हमेशा उत्पाद लेबल और स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार करें।

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