Imidacloprid insecticide का उपयोग: धान और मिर्च जैसी फसलों में माहू, सफेद मक्खी, थ्रिप्स और फुदका जैसे चूसक कीटों के नियंत्रण के लिए Imidasecure Imidacloprid 17.8% SL

इमिडाक्लोप्रिड कीटनाशक का उपयोग फसलों में: कौन सी फसल, कौन सा कीट, कैसे छिड़कें

Imidacloprid 17.8% SL एक सिस्टेमिक कीटनाशक है जो धान, मक्का, गन्ना, मिर्च और सब्जियों में चूसक कीट जैसे तना छेदक कीट, माहू (aphid), दीमक (termite), फुदका (hopper) और थ्रिप्स को नियंत्रित करता है। यह पौधे के अंदर जाकर काम करता है, इसलिए पुराने और नए दोनों पत्तों की सुरक्षा करता है।

Imidacloprid क्या है और यह कैसे काम करता है?

Imidacloprid नियोनिकोटिनॉइड (neonicotinoid) समूह का कीटनाशक है। यह पौधे की जड़ और पत्तियों से अंदर जाकर पूरे पौधे में फैल जाता है। जब कीट पौधे का रस चूसता है, तो उसका नर्वस सिस्टम बंद हो जाता है और कीट कुछ ही घंटों में खाना बंद कर देता है। इसी वजह से यह छिपे हुए और नए निकले कीटों पर भी असरदार रहता है।

किस फसल में कौन सा कीट नियंत्रित होता है?

फसल के अनुसार कीट व सामान्य मात्रा (Crop-wise pest & general dose)

धान (Paddy)
फॉर्मूलेशनImidacloprid 17.8% SL
मुख्य कीटभूरा फुदका (BPH), हरा फुदका (GLH)
सामान्य मात्रा*80–100 ml प्रति एकड़
मक्का (Maize)
फॉर्मूलेशनImidacloprid 17.8% SL
मुख्य कीटमाहू (Aphid), दीमक (Termite)
सामान्य मात्रा*80–100 ml प्रति एकड़
गन्ना (Sugarcane)
फॉर्मूलेशनImidacloprid 17.8% SL
मुख्य कीटदीमक (Termite), अगेती तना छेदक
सामान्य मात्रा*80–100 ml प्रति एकड़
मिर्च (Chilli)
फॉर्मूलेशनImidacloprid 17.8% SL
मुख्य कीटमाहू, थ्रिप्स, सफेद मक्खी
सामान्य मात्रा*80–100 ml प्रति एकड़
सब्जियां (टमाटर, भिंडी, बैंगन आदि)
फॉर्मूलेशनImidacloprid (फॉर्मूलेशन अनुसार बदलता है)
मुख्य कीटमाहू, जैसिड, सफेद मक्खी, थ्रिप्स
सामान्य मात्रा*प्रोडक्ट लेबल के अनुसार
ध्यान दें: ऊपर दी गई मात्रा सामान्य संदर्भ (general guidance) के लिए है। कीट का प्रकोप, फसल की अवस्था और राज्य/उत्पाद के अनुसार मात्रा अलग हो सकती है। छिड़काव से पहले हमेशा प्रोडक्ट लेबल और प्रोडक्ट पेज पर दी गई सटीक मात्रा जरूर देखें।

Imidacloprid का छिड़काव कैसे करें?

  • कीट का प्रकोप शुरू होते ही (early stage) छिड़काव करें  देर करने पर असर कम होता है।
  • छिड़काव के लिए साफ पानी और सही नोजल का इस्तेमाल करें ताकि दवा पत्तों पर एकसार लगे।
  • तेज धूप या तेज हवा में छिड़काव न करें; सुबह या शाम का समय बेहतर रहता है।
  • एक ही सीजन में इसका बार-बार इस्तेमाल न करें  कीट में प्रतिरोध (resistance) बढ़ सकता है, दूसरे मोड ऑफ एक्शन वाली दवा के साथ रोटेशन करें।
  • छिड़काव के समय दस्ताने और मास्क पहनें, फसल पर लेबल में बताया गया प्री-हार्वेस्ट इंटरवल (PHI) जरूर मानें।

यह किन किसानों के लिए फायदेमंद है?

जिन खेतों में धान में फुदका, मक्का व गन्ना में दीमक, या मिर्च-सब्जी में माहू-सफेद मक्खी-थ्रिप्स की समस्या बार-बार आती है, वहां Imidacloprid 17.8% SL एक भरोसेमंद विकल्प है। इसकी सिस्टेमिक क्रिया लंबे समय तक सुरक्षा देती है, जिससे बार-बार छिड़काव की जरूरत कम पड़ती है।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Imidacloprid किन-किन कीटों पर काम करता है?

Imidacloprid माहू, सफेद मक्खी, थ्रिप्स, जैसिड, फुदका (हॉपर) और दीमक जैसे चूसक व मिट्टी में रहने वाले कीटों पर असरदार है।

Imidacloprid 17.8% SL की मात्रा कितनी होती है?

सामान्यतः 80–100 ml प्रति एकड़ की सलाह दी जाती है, लेकिन सटीक मात्रा फसल और प्रोडक्ट लेबल के अनुसार बदलती है, इसलिए लेबल जरूर पढ़ें।

धान में फुदका के लिए कब छिड़काव करें?

फुदका (BPH/GLH) दिखते ही या खेत के निचले हिस्से में पौधों को हल्के से हिलाकर कीट देखने पर तुरंत छिड़काव करें, देर करने से नुकसान बढ़ता है।

क्या Imidacloprid सब्जियों में सुरक्षित है?

हां, लेबल पर बताई गई मात्रा और प्री-हार्वेस्ट इंटरवल के अनुसार इस्तेमाल करने पर यह टमाटर, मिर्च, भिंडी जैसी सब्जियों में सुरक्षित और असरदार है।

Imidacloprid को किस दवा के साथ रोटेट करें?

बार-बार एक ही दवा के इस्तेमाल से बचें; अलग मोड ऑफ एक्शन वाली दवा जैसे थायोमेथोक्सम या फिप्रोनिल के साथ रोटेशन करें ताकि कीट में प्रतिरोध न बने।


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