Arhar (Tur) crop protection spray schedule (DAS-wise) with recommended insecticide and fungicide products for complete pigeon pea pest and disease management.

अरहर (तुअर) फसल सुरक्षा गाइड: संपूर्ण छिड़काव अनुसूची

अरहर (तुअर/Pigeon Pea) की फसल बुआई से लेकर फली बनने तक कई कीटों और रोगों की चपेट में रहती है। सही समय पर सही स्प्रे न होने पर उपज में 30-50% तक नुकसान हो सकता है। नीचे दी गई DAS (Days After Sowing) वाइज़ शेड्यूल अरहर की पूरी फसल अवधि को कवर करती है  एफिड-जैसिड से लेकर फली छेदक और बांझपन रोग (Sterility Mosaic Disease) तक।

अरहर में कौन-कौन से कीट व रोग सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं?

अरहर की फसल में मुख्य रूप से 4 समस्याएं बार-बार आती हैं:

  1. रस चूसक कीट (एफिड व जैसिड)  पौधे की शुरुआती अवस्था (20-30 DAS) में पत्तियों का रस चूसते हैं
  2. पत्ती खाने वाली इल्लियां 40-50 DAS पर पत्तों को छलनी कर देती हैं
  3. फली छेदक (Helicoverpa armigera)  फूल आने की अवस्था में सबसे खतरनाक, सीधे उपज पर असर
  4. फली मक्खी व फली छेदक कॉम्बो  फली बनने की अवस्था में दाने को अंदर से खराब करती है
  5. बांझपन मोजेक रोग (Sterility Mosaic Disease)  किसी भी अवस्था में आ सकता है, फसल को बांझ बना देता है

कीट-रोग क्यों और कब हमला करते हैं?

रस चूसक कीट (एफिड-जैसिड) गर्म व नमी वाले मौसम में नई पत्तियों पर तेजी से बढ़ते हैं और वायरस भी फैलाते हैं। फूल आने की अवस्था (50% Flowering) पर पतंगे अंडे देना शुरू करते हैं, जिससे फली छेदक की इल्लियां निकलकर सीधे फूल और कच्ची फली में घुस जाती हैं। बांझपन मोजेक रोग एरियोफाइड माइट (Eriophyid Mite) के जरिए फैलता है  यह माइट संक्रमित पौधे से स्वस्थ पौधे तक वायरस ले जाता है, इसलिए संक्रमित पौधों को समय रहते हटाना सबसे जरूरी उपाय है।

नुकसान का असर

  • एफिड-जैसिड का समय पर नियंत्रण न होने पर पौधे कमजोर रहते हैं और वायरस फैलने का खतरा बढ़ता है
  • इल्लियां पत्तियां खाकर प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) कम कर देती हैं, जिससे पौधे की ग्रोथ रुकती है
  • फली छेदक व फली मक्खी सीधे दाने को नुकसान पहुंचाती हैं  यही सबसे बड़ा आर्थिक नुकसान है
  • बांझपन मोजेक रोग से प्रभावित पौधे में फली ही नहीं बनती, यानी पूरी उपज शून्य हो जाती है

अरहर की पूरी स्प्रे शेड्यूल (Spray Schedule)

फसल अवस्था समस्या दवा (स्प्रे) मात्रा प्रति एकड़
20-30 DAS एफिड, जैसिड व अन्य रस चूसक कीट Imidacloprid 17.8 SL 80-100 ml
40-50 DAS पत्ती खाने वाली इल्लियां EMAAN (Emamectin Benzoate 5% SG) 100 gm
50% फूल आने की अवस्था फली छेदक (Helicoverpa armigera) Chlorantraniliprole 18.5 SC 60 ml
फली बनने की अवस्था फली छेदक व फली मक्खी Rakshak (Novaluron + Indoxacarb SC) 350 ml
किसी भी अवस्था में बांझपन मोजेक रोग (Sterility Mosaic) उपचारित बीज का उपयोग करें, संक्रमित पौधे तुरंत उखाड़ें, नियमित निगरानी रखें

नोट: ऊपर दी गई मात्रा 200 लीटर पानी प्रति एकड़ के हिसाब से है। स्प्रे हमेशा सुबह या शाम के समय करें, तेज धूप में स्प्रे से बचें।

बचाव के लिए बेस्ट प्रैक्टिस

  • खेत की नियमित निगरानी करें  हर हफ्ते 10-15 पौधे चेक करें ताकि कीट शुरुआती स्टेज में ही पकड़ में आ जाए
  • सिर्फ अनुशंसित मात्रा में ही स्प्रे करें, ओवरडोज़ से न कीट कम होते हैं न फसल को फायदा होता है
  • बांझपन मोजेक रोग वाले पौधे दिखते ही जड़ से उखाड़कर खेत के बाहर नष्ट करें, इससे रोग आगे नहीं फैलता
  • फूल व फली अवस्था में स्प्रे शेड्यूल न टालें  यही वह समय है जब सीधा नुकसान होता है
  • रोग-रोधी किस्म (resistant variety) का बीज चुनें, इससे बांझपन मोजेक का खतरा शुरुआत से ही कम रहता है

अरहर के लिए बाकी जरूरी इनपुट Pigeon Pea (Arhar) कीटनाशक कलेक्शन और Pigeon Pea All Products में देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. अरहर में एफिड-जैसिड का स्प्रे कब करना चाहिए?

अरहर में एफिड व जैसिड का हमला ज्यादातर 20-30 DAS पर शुरू होता है। इस समय Imidacloprid 17.8 SL की 80-100 ml मात्रा प्रति एकड़ का स्प्रे सबसे असरदार रहता है।

Q2. अरहर में फली छेदक (पॉड बोरर) को कैसे रोकें?

फूल आने की अवस्था (50% फ्लावरिंग) पर Chlorantraniliprole 18.5 SC की 60 ml मात्रा प्रति एकड़ का स्प्रे करें। यह फली छेदक की इल्लियों को फली में घुसने से पहले ही खत्म कर देता है।

Q3. अरहर में बांझपन मोजेक रोग (Sterility Mosaic) क्या है और कैसे फैलता है?

यह एक वायरस जनित रोग है जो एरियोफाइड माइट (Eriophyid Mite) से फैलता है। संक्रमित पौधे में फूल तो आते हैं लेकिन फली नहीं बनती। संक्रमित पौधों को तुरंत उखाड़ना और उपचारित बीज का प्रयोग इसका सबसे बेहतर बचाव है।

Q4. अरहर में इल्ली (कैटरपिलर) के लिए कौन सी दवा सबसे अच्छी है?

पत्ती खाने वाली इल्लियों के लिए EMAAN (Emamectin Benzoate 5% SG) की 100 gm मात्रा प्रति एकड़ का स्प्रे 40-50 DAS पर करें।

Q5. फली बनने की अवस्था में कौन सा स्प्रे करें?

फली बनने की अवस्था में फली छेदक व फली मक्खी दोनों का खतरा रहता है। इस समय Rakshak (Novaluron + Indoxacarb SC) की 350 ml मात्रा प्रति एकड़ स्प्रे करें।

Q6. अरहर में स्प्रे शेड्यूल फॉलो न करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

समय पर स्प्रे न होने से, खासकर फली छेदक व बांझपन मोजेक रोग की वजह से, उपज में 30-50% तक की कमी आ सकती है।

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